मैं छत वाली लड़की हूं
वो ऐसा ही कहता है
वो मुझसे लिपट कर मेरी बाहों में सोना चाहता है
पर इजहारे इश्क वो नहीं है
कैसे बताऊं उसे
मेरे दिल में कहीं भी नहीं है
कैसे समझाऊं उसे
हरिकेश यादव
काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी
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