आवारा
रेगिस्तान का
कण-कण
की पहचान का
बलुआ टिब्बा
मेरा है
मैं बेटा
हिंदुस्तान का।
ऊंटों की है
छवि निराली
सेना की है
बनें सवारी
सीमा की करते
रखवाली
बॉर्डर पाकिस्तान
का
मैं बेटा हिंदुस्तान
का
आवारा रेगिस्तान का
इंदिरा नहर का
पानी पीकर
शुष्क मरुस्थल
झूमा है
शौर्य भूमि है
वीरों की
जिसने कण - कण को
चूमा है
पांच दिन का
पुष्कर मेला
ऊंटो का रेलम
है रेला
पशु संपदा
का संरक्षक
चित्तौड़गढ़ है
याद दिलाता
राणा के बलिदान
का
आवारा
रेगिस्तान का
मैं बेटा
हिंदुस्तान का।
सोगरा का
व्यंजन है मेरा
इसमें अनुरंजन है
मेरा
बाजरे की
रोटी है
बाजरे का
आटा है
सोगरा इसी
से बनता
भूख भी
मिटाता है
नहीं उड़ेगा
रेत का अंधड़
उपजे नखलिस्थान
का
आवारा रेगिस्तान
का
मैं बेटा हिंदुस्तान
का ।।
-हंस नाथ यादव
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