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चंद लम्हों की ग़ुफ्तग़ू पर अफ़सोस ख़्याल करते हैं।

                
                                                         
                            ख़्याल में ख़्याल करके किसी का ख़्याल करते हैं,
                                                                 
                            
अब हर वक़्त जी में बसर उसके ख़्याल करते हैं।
अब कभी न मिलना होगा जब ये ख़्याल करते हैं,
हम ख्याल जब ये सोचूँ तो तरसना ख़्याल करते हैं।
तुझसे बिछड़ने काअब दिल में घर ख़्याल करते हैं,
चंद लम्हों की ग़ुफ्तग़ू पर अफ़सोस ख़्याल करते हैं।
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एक घंटा पहले

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