ये ज़िन्दगी भी गजब चीज है यारों, जो पल पल रंग बदलती है।
जरा सी खुशी उससे देखी नहीं जाती, पल में सब छिन लेती है।
ऐ खुदा इस जिन्दगी में कोई गम नहीं होता, जो ये जिन्दगी मेरे पापा के जैसे होती।
हर सुबह मेरी हर एक खुशी को वो पूछती और शाम ढलते ख्वाहिशें मुकम्मल हो जाती। काश ये जिंदगी एक दिन के लिए मेरे पापा का सलीक़ा रखता।
जो अँधेरे में जलाकर ख़ुद को, सरे-राह उजाला रखता।
अभी भी वक्त है संभालो अपने कर्म को और विश्वास की दरीचे को खुला रखना।
माना वक्त हमेशा अच्छा नहीं होता, पर हर हाल में दिल में उम्मीद की कोई किरण जलाए रखना।
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