जब...
जवानी रहती है।
कब...
अपने-अपने में लगे रहते हैं॥
तब...
आगे की फिकर कहाँ...?
अब...
खड़े, बुढ़ापे के दहलीज पर !
तब...
अपने साथ छोड़ गये...?
जब...
अपनों की याद आती है॥
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X