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आशा की किरण

                
                                                         
                            जीवन मे एक आशा थी, आशा थी, एक अभिलाषा थी
                                                                 
                            
मंजिल पाना आसान नहीं

मंजिल अपनी दूर सही
एक राह बनानी पड़ती है 

मंजिल के ज़ितनी करीब हुए 
पल पल मुझसे दूर गई 

कुछ सोचा समझा 
राहो का निर्माण किया 

खुद को बनाया राह के काबिल
मंजिल पाना आसान किया 

फिर भी एक खौफ रहा
मंजिल पाना आसान नही

खुद को जाँचा खुद को परखा 
मंजिल का निर्माण किया 

सहीे समय पर पाया सब कुछ 
जीवन का उद्धार किया 

जीवन मे एक आशा थी, आशा थी, एक अभिलाषा थी
मंजिल पाना आसान हुआ
जीवन का कल्य़ाण हुआ

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7 वर्ष पहले

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