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झूठ का पर्दा

                
                                                         
                            मज़ा आता है तुम्हारे इन झूठों को सुनकर,
                                                                 
                            
क्योंकि सच हमें पहले से ही पता होता है।
तुम सोचते हो हम अनजान हैं हर बात से,
मगर हमारा दिल सब महसूस कर चुका होता है। 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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