धरती की बेटियाँ अब आसमान छू रही हैं,
संघर्षों के दीपक से उजियारा बुन रही हैं।
हाथों में बल्ला, निगाहों में तूफ़ान है,
विश्व कप की जीत में दिखा भारत का मान है।
मिताली की शालीनता, हरमन की हुंकार,
झूलन की गति से थर्राया संसार।
मंधाना की मुस्कान में विश्वास की पहचान,
हर चौके में गूँज उठा “नारी का सम्मान”।
कभी कहा गया, "यह खेल तो मर्दों का है",
अब जवाब मिला — “ये सारा जग औरों का है!”
घमासान पलों में भी मुस्कुराती वो नारी,
हर रन के पीछे है उसकी खुद की आत्मकथा जारी।
ये जीत है मेहनत की, समर्पण की मिसाल,
हर पसीने की बूँद बने अब तिरंगे का लाल।
ये शक्ति का वरदान है, भारत का अभिमान,
महिला क्रिकेट ने गढ़ दिया इतिहास महान।
अब बेटियाँ खेलेंगी, सपनों को गढ़ेंगी,
हर सीमा लाँघ कर नई दिशाएँ गढ़ेंगी।
ये विश्व कप नहीं, नारी का अभियान है,
जहाँ हर जीत में माँ भारती का सम्मान है।
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