कुछ भी पहन लो तुम, मुझे अच्छी ही लगती हो
‘मेकअप’ करो या न करो, मुझे सुन्दर ही दिखती हो
व्यक्तित्व में तुम्हारे, आकर्षण है गजब का
मानो या न मानो, तुम मुझे अपनी ही लगती हो
जब भी साथ होती हो, माहौल खुशनुमा हो जाता है
फूल खिल उठते हैं , मौसम जवां हो जाता है
आ जाया करो मिलने, की अधूरी है जिंदगी तुम बिन
तुम्हारे बारे में सोचने में ही, मेरा सारा वक्त गुजर जाता है
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