आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

मुझे सुंदर ही दिखती हो

                
                                                         
                            कुछ भी पहन लो तुम, मुझे अच्छी ही लगती हो
                                                                 
                            
‘मेकअप’ करो या न करो, मुझे सुन्दर ही दिखती हो
व्यक्तित्व में तुम्हारे, आकर्षण है गजब का
मानो या न मानो, तुम मुझे अपनी ही लगती हो

जब भी साथ होती हो, माहौल खुशनुमा हो जाता है
फूल खिल उठते हैं , मौसम जवां हो जाता है
आ जाया करो मिलने, की अधूरी है जिंदगी तुम बिन
तुम्हारे बारे में सोचने में ही, मेरा सारा वक्त गुजर जाता है
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर