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कल हो ना हो

                
                                                         
                            यूँ ही इक ख्याल मन में आया
                                                                 
                            
क्यों हर वक्त साथ रहता है तुम्हारा साया
क्या कभी मिल पाऊंगा तुमसे मैं अकेले
देखो ना...ज़िन्दगी के तो चलते रहेंगे ये मेले

आओ ना...मैं, तुम और बस तनहाई
अब तो भरने दो ना... ये बीच की खाई
क्या पता इस जिंदगी का... कल हो न हो
जी लेते हैं ये जिंदगी, फिर...जो हो सो हो
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3 महीने पहले

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