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इश्क तेरा मुझे दर ब दर कर गया

                
                                                         
                            जब से देखा तुझे खुद भी हैरान हूं*
                                                                 
                            
इश्क तेरा मुझे दर ब दर कर गया*

इश्क तेरा मेरे दिल में पर कर गया*
दिल में मेरे रहा और घर कर गया*

नींद भी है मेरी आंखों से रूठी हुई*
तेरी याद ने चैन मुझसे बेख़बर कर गया*

एक मुद्दत से मैं गम की आगोश में हूं*
तेरे बिन हर लम्हा मुझे काफिर कर गया*

राही* अब दुआ भी तेरे नाम की करता हूं
इश्क ने मुझको तेरा ही ज़िक्र कर गय
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2 महीने पहले

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