जब से देखा तुझे खुद भी हैरान हूं*
इश्क तेरा मुझे दर ब दर कर गया*
इश्क तेरा मेरे दिल में पर कर गया*
दिल में मेरे रहा और घर कर गया*
नींद भी है मेरी आंखों से रूठी हुई*
तेरी याद ने चैन मुझसे बेख़बर कर गया*
एक मुद्दत से मैं गम की आगोश में हूं*
तेरे बिन हर लम्हा मुझे काफिर कर गया*
राही* अब दुआ भी तेरे नाम की करता हूं
इश्क ने मुझको तेरा ही ज़िक्र कर गय
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