यह जिंदगी मौत से भी बदतर है ।।
बिछड़ के तुझसे कहां अब बहार में हूँ।।
दिल में है आज तक तेरी मूरत ।।
तुझसे मिलने को रहता बेकरार में हूँ ।।
सांस लेता भी हूँ तो दम सा घुटता है ।।
एक मुद्दत से तेरी यादों के मज़ार में हूँ ।।
तेरे दयार की हर गली अब भी मुझसे पूछे है ।।
ऐसा लगता है मैं अब भी तेरे इंतज़ार में हूँ ।।
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