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अनपढ़ की है कदर कहां है पढ़ा लिखा ही बोलेगा

                
                                                         
                            मेरे जज्बात
                                                                 
                            

अनपढ़ की है कदर कहां, पढ़ा लिखा ही बोलेगा
अनपढ़ हो जिस देश में राजा शिक्षा पर क्या बोलेगा

कुर्सी हो व्यापार जहां, कुर्सी हो ईमान धर्म
लोकतंत्र के मंदिर में भी सच आखिर ना बोलेगा

शिक्षा पर तुम वॉर करो, कब तक हम खामोश रहे
मर भी गए तो कतरा कतरा लहू हमारा बोलेगा
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2 महीने पहले

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