पेड़ बबूल का बोया है रहबर ने जब से भारत में
कड़वाहट नीम से ज्यादा है धर्मों के नाम पे भारत में
ना धर्मों ज्ञान उन्हें और ना धर्मों पाबंद है
धर्मों की सियासत करते हैं मेरे रहबर भारत में
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