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मैं तुम बनना चाहती हूँ

                
                                                         
                            मैं तुम बनना चाहती हूँ
                                                                 
                            
मैं तुम्हें खोजते हुए तुम तक पहुँच जाऊँगी,
तुमसे मैं ताउम्र प्रेम निभाऊँगी।
जैसे समंदर किनारे से मिल जाता है,
वैसे ही मैं तुम्हें मिल जाऊँगी।

मैं तुमसे बनना चाहती हूँ,
तुमसे ही इश्क़ निभाना चाहती हूँ।
मैं तुमसे मिलकर एक बच्ची बनना चाहती हूँ,
जिसे सँवारो तुम अपनी तरह,
तुम समझो मुझ पर हक़ अपनी तरह।

मैं तुमसे बस प्रेम चाहती हूँ,
अपनी माँ की तरह।
मेरे न कहने पर भी तुम समझ जाओ,
कि मुझे है ज़रूरत तुम्हारी।

तुम मेरे बालों को सँवारो,
मेरे माथे को सहलाओ,
मेरी माँ की तरह।

मैं तुमसे प्रेम करना चाहती हूँ,
तुम्हें अपना बनाना चाहती हूँ।
तुमसे प्रेम निभाना चाहती हूँ,
तुम्हें कसकर गले लगाना चाहती हूँ।

मैं तुमसे तू बनना चाहती हूँ।

 
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2 घंटे पहले

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