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“राम नाम बन जाए सहारा”

                
                                                         
                            “राम नाम बन जाए सहारा”
                                                                 
                            
राम सिया जु हृदय में बसते,
राम नाम जो सुमिरन करते।
महिमा उनकी क्या मैं गाऊँ,
कण-कण में प्रभु दर्शन पाऊँ।
जय सियाराम, जय-जय सियाराम,
मन में बस जाए राम का नाम।
जय सिया राम, जय-जय सियाराम,
जीवन का आधार प्रभु हैं।
जब-जब मन में छाए अंधियारा,
राम नाम बन जाए सहारा।
टूटे मन को धीर बंधाएँ,
भटके हुए को राह दिखाएँ।
जय सिया राम, जय-जय सियाराम,
हनुमत तेरे चरणों में आऊँ,
राम भक्ति का दीप जलाऊँ।
तुम्हारी कृपा जो हम पर होवे,
हर मुश्किल पल भर में खोवे।
जय सिया राम, जय-जय सियाराम,
राम नाम की ऐसी ज्योति,
मिट जाए मन की दुविधा हर एक छोटी।
प्रेम से जो कोई शीश झुकाए,
रघुवर उसके कष्ट मिटाएँ।
जय सिया राम, जय-जय सियाराम,
दरस दिखा दो बाबा मेरे,
नैया पार लगा दो।
राम-सिया का नाम सुनाऊ,
जीवन धन्य बना दो।
-प्रदीप बाबू
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एक घंटा पहले

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