आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

बिना आदर्श के जीवन

                
                                                         
                            बिना आदर्श के जीवन, घटनाओं है का मेल।
                                                                 
                            
सच्चे उद्देश्य संग ही मिलता, जीवन का खेल॥

ज्ञान शक्ति सब व्यर्थ है, यदि न हो आदर्श।
सत्य न्याय मानवता, यही जीवन का दर्श॥

साफ़ दृष्टि जो रखे, कठिनाई में हो गंभीर।
असफलता में साहस, सफलता में नीर॥

वही जीवन पथ पर चल सके, जो रखे उजियाल।
आदर्शों की छाँव में, समाज को मिलता सच्चा लाल॥
- शिव राय पुरी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर