आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

ऑनर्स, मेडल, बुक प्राइजेस की, लगी हुई है होड़

                
                                                         
                            ऑनर्स, मेडल, बुक प्राइजेस की, लगी हुई है होड़,
                                                                 
                            
पर एक ही बच्चा ले जाता है, सारे प्राइज़ निचोड़!
जिसकी भाषा मीठी-प्यारी, प्रेजेंटेशन है खास,
वही ले जाता मेडल सारे, बाकी बैठे निराश।

ज्ञान भले ही दूजे में हो, क्लिफिकल अप्रोच हो भारी,
पर प्रेजेंटेशन के चक्कर में, हार गया वो खिलाड़ी!
मेडल की इस अंधी दौड़ में, सिफारिशें भी आतीं,
पारदर्शिता की बलि चढ़ाकर, सेटिंग की बात बनातीं।

CBME का दौर है आया, अब तो बदलो रीती,
कोशिश करने वालों को भी, मिले न्याय की प्रीति!
'मोस्ट इम्प्रूव्ड' का दो सम्मान, बढ़ाओ उनका मान,
वरना गलत हाथों में मेडल, तोड़ेगा स्वाभिमान।

निष्पक्ष रहे यह मूल्यांकन, न हो कोई पक्षपात,
योग्य छात्र को सम्मान मिले, तभी बनेगी बात
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर