मुख़्तलिफ़ लोग साथ रह लेंगे
दरमियां सोच का बवाल न हो
ज़िन्दगी पर यकीन आ जाता
मौत का गर हमें ख़्याल न हो
-फ़ौज़िया नसीम शाद
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