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मंज़र है बदलता

                
                                                         
                            पल भर में यहां का, मंज़र है बदलता
                                                                 
                            
एतमाद नहीं करते, आंखों के यकीं का
-फौज़िया नसीम शाद
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एक महीने पहले

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