आहत न हो कोई, व्यवहार ऐसा रक्खो
मन में सदैव अपने उत्तम विचार रक्खो
क्षण-क्षण के मूल्य को स्वयं पर उधार रक्खो
उद्देश्य पूर्ण अपने जीवन का सार रक्खो
-फ़ौज़िया नसीम शाद
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