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सुनो मां

                
                                                         
                            सुनो मां,
                                                                 
                            
ये मैं हूं तुम्हारे भीतर
तुम्हारी तरह मैं भी तो व्याकुल हूं
तुम्हें प्रत्यक्ष पाने को
जैसे तुम्हें एहसास है मेरी भूख प्यास का
मैं भी जान लेता हूं तुम्हारे तन की पीड़ा
तुम जो ढेरों सपने बुन रही हो मेरे लिए
उनमें मैं भी तो जी रहा हूं
वो ढेर सारी बातें जो करते हैं हम
राज़ रहेंगी हमारे बीच सदा
तुम प्यार से जो सहलाती मुझको
मैं खुशी से झूम उठता हूं
नाचता हूं जब खुशी से
अनजाने में दर्द तुम्हें दे जाता हूं
कैसे उस दर्द में भी तुम खुशी महसूस करती हो
क्या बन पाऊंगा तुम्हारे जैसा
ये सोचता ही रह जाता हूं
सुनो मां ये मैं हूं तुम्हारे भीतर
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2 महीने पहले

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