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बारिश के वो दिन

                
                                                         
                            बड़े ही अलबेले थे वो दिन।।
                                                                 
                            
जब थे बालबन के
करीब वो दिन।।
उस वक्त परिवेश भी इतनी
उष्ण नहीं हुआ करते थे।।
वातावरण बिल्कुल अनुकूल
ही हुआ करते थे ।।
बारिश के मौसम में इतनी
तीव्र झमाझम बरसात
हुआ करते थे ।।
परिवेश बिल्कुल खिल
खिला उठा करते थे।।
बारिश में गांव के कई मनचले
बालक लबालब भरे गढ्ढे में।।
चपटा चौड़ा
पतला पत्थर तिरछे ।।
पानी के ऊपरी तल
पर उछालते थे ।।
और वो पत्थर पानी
के ऊपरी तल
दोहरी तल से
छलांग लगाता हुआ ।।
मानो तैर कर उस
पार चला ही जाता था ।।
ओह आनंद का चरम पर।। बालपन पहुंच ही जाता था ।।
इस खेल में बड़ा ही मजा
आया करता था।।
बारिश के वो दिन
बड़े ही अलबेले थे वो दिन।।
जब थे बालबन के
करीब वो दिन ।।
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3 महीने पहले

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