दूर से तुम मुझे देखती हो, दूर से मैं तुझे देखता हूं, यह कैसा इश्क है,
इश्क में जब तक मेरे हाथों में तेरा हाथ ना हो,
यह कैसा इश्क है सनम,जब तक पास बैठ कर कोई शरारत ना हो,
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