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तुम वफा की मिसाल

                
                                                         
                            मेरी खामोश उदासियो में गूंजती हुई हंसी सुकून हों तुम,
                                                                 
                            
तड़पती हुई रात में तुम वफा की मिसाल हो तुम,
हम एक दूसरे से दर ही सही,
पर धड़कनें एक दूसरे के करीब है,
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक महीने पहले

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