अपनी मजबूरियों का हवाला देते देते मुझे इतना भी मजबूर ना करो सनम,
कि तेरी मुहब्बत को छोड़कर मैं हमेशा के लिए खामोश हो जाऊं,
दिल की बात भी करनी हो तो तुम से किनारा ही कर लूं,
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