तेरे नाम से धड़कनें तेज चलने लगती है सनम,
तेरे लिए बेचैन होना मेरे दिल का वसूल है सनम,
तुम्हारी चाहत में मैं कुछ यूं बंध गया,
कि तुम साथ भी नहीं है, और तुम अकेली भी नहीं है,
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