तेरे हुस्न की तारीफ शब्दों, अल्फाजों में नहीं होती है ,
तेरी खूबसूरती को शब्दों, अल्फाजों में बांधा मुश्किल है सनम,
जब भी मैं तेरी आंखों,सूरत देखता हूं, अल्फाज खुद प खुद जुबान से निकल जाते हैं,
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