अपने हुस्न से आग लगाना तो हसीनाओं का काम है सनम,
मुहब्बत में अगर कोई मेरी वफादारी स जलता है है तो मेरा क्या कसूर, सनम,
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X