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मेरा क्या कसूर

                
                                                         
                            अपने हुस्न से आग लगाना तो हसीनाओं का काम है सनम,
                                                                 
                            
मुहब्बत में अगर कोई मेरी वफादारी स जलता है है तो मेरा क्या कसूर, सनम,
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5 घंटे पहले

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