साथ बिताए वो पल बहुत नाज़ुक होते हैं सनम,
समेट लो उन पलों को, जो बहुत नाज़ुक है सनम,
ना जाने वो पल हों या ना हो कल सनम,यह नहीं है मालूम सनम,
शामिल हो जाओ एक बार फिर से उन पलों में मैं रहूं ,ना रहूं,
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