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खुद ही याद आ जाती है

                
                                                         
                            मेरी आंखों, दिल से पूछो मुहब्बत की बेबसी का आलम क्या है,
                                                                 
                            
इन्हें तुम्हारे सिवाय कोई और नहीं भाता है,
क्यों कि याद बनकर मेरे साथ तुम जो रहती है,
नहीं है कोई वजह तुम को याद करने की,
क्यों कि तुम दिल में रहती है इसलिए खुद ही याद आ जाती है,
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2 महीने पहले

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