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कभी वफा नहीं करती

                
                                                         
                            मैं ने तुम्हें अनगिनत बार बताया है कि,
                                                                 
                            
मुझे बहुत तकलीफ़ होती है तेरे वादा खिलाफी से,
लेकिन मेरी तकलीफ से ज्यादा तुम्हें अपनी आदत भली लगी,
बेवफाई के समंदर में लहरें कभी वफा नहीं करती,
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 घंटे पहले

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