तुम को देख
सोचा अगर दिलरूबा तुम बन जाओ तो मैं संवर जाऊं,
अगर मैं संवर जाऊं फिर की परवाह क्यों करूं,
अगर मिल जाएं जगह दिल में तुम्हारे, फिर जन्नत की चाहत मैं क्यों करूं,
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