तेरी आंखों से प्यार कर बैठा हूं सनम,
तेरी सूरत, जुल्फों को निहार कर बैठा हूं मैं सनम,
पता नहीं कैसे बीच सफर में छोड़ देते हैं लोग सनम,
एक मैं हूं कि तेरी हर अदा पर जान हार कर बैठा हूं,
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