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चंचल तेरी आंखें

                
                                                         
                            झील सी चंचल तेरी आंखें गंगा की तरह गहरी है सनम,
                                                                 
                            
गड्डे तेरे मखमली गाल के हो या सड़क के ,
कमबख़्त जान लेवा तो दोनों हैं सनम,
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एक महीने पहले

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