बड़ा गुमान था मुझे कि हसीनाओं की खूबसूरती, निगाहों पर फिसलता नहीं,
बड़ा गुमान था मुझे कि हसीनाओं की अदाओं पर मैं मरता नहीं,
पर पता नहीं कैसे तुम्हारी निगाहों ने मुझे खरीद लिया,
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