आतिशे_हिज़्र
तेरी जुदाई
तेरी जुदाई दिल को बड़ी खल रही है,
आतिशे_हिज्र में तमन्नाएं जल रही है.
तुम्हें पाना है, तेरे साथ जीना है अब,
एक यही ख्वाहिश जी में पल रही है.
कही भी रहे, चैन नहीं पाये जिंदगी,
ये यादें तुम्हारी, बेइंतहा छल रही है.
हर पल तुम नजर के सामने ही रहो,
और इस चाह में उम्र भी ढल रही है.
तुम मिलो किसी भी बहाने, मानसी,
रूह में, यही एक बात, चल रही है.
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