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राब्ता ही नहीं

                
                                                         
                            इस बात का, उन्हें, पता ही नहीं,
                                                                 
                            
अच्छा होना यहां अच्छा ही नहीं.

वो करते है बातें, कुछ इस तरह,
जैसे, उनकी कुछ खता ही नहीं.

कौन क्या है सबको तो है खबर,
हम है, जिसे कुछ, पता ही नहीं.

कभी मिलो तो तुम ऐसे मिलना,
जैसे, कभी, कुछ, हुआ ही नहीं.

हम मिट गए उनके लिए, मगर,
हमारी चाहत का, चर्चा ही नहीं.

किया नजरअंदाज उसने,मानसी,
हमसे जैसे उनका राब्ता ही नहीं.
-धीरज साहू
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2 महीने पहले

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