आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

मैं और मेरा कमरा

                
                                                         
                            एक छोटा सा कमरा जिसमें ब्लू कलर की टिमटिमाती लाइट हुई ये अहसास दिला रही थी कि मै उतना ही प्रकाश करूंगा जितना मेरी जगह है
                                                                 
                            
ये बात कही न कही मुझे खाए जा रही थी जैसे लग रहा था ओ मुझे
चिढ़ा रहा हो
बंद कमरे में ब्लू लाइट का टिमटिमाना और खिड़कियां दरवाजे का बंद होना कुछ अजनबी सा महसूस होने लगा
मैं मेरे ही कमरे से अनजान थी ब्लू लाइट के साथ बंद खिड़की और पंखे और
पंखा बंद था
मैं पूरे पसीने से लतपथ बिस्तर पर पड़ी रही अचानक एक घुटन हुई और सीने दर्द का अजीब लहर दौड़ा
ब्लू लाइट बार बार ये बता रही थी देख मैं खुद में प्रकाशित हो कर खुद में मय हु
ये बात मुझे कही न कही खाए जा रही थी
मैं सहसा उठी और दरवाजा खोली और छत पर पहुंच गई
वहां एक गजब सुकून था खुला आसमान धीमी धीमी बारिश की फुहारे में बेतहाशा निखरहरे पड़ गई
सहसा बारिश तेज हुई और मेरे आंखों से आंसू बेतहाशा बहने लगे
वारिश में आसू बहते चले जा रहे थे
जब आंखें खोलती मालूम पड़ता छत पे लगे पानी मेरे ही आशु है
इन सब में सीने का दर्द कब खत्म हुआ कुछ याद नहीं
मैं बेतहाशा पड़ी रही पूरी रात बारिश में
जब आंखें खुली सुबह का पांच
बज चुका था
उसी कमरे में लौट आई फिर एक सुकून मिला
बंद खिड़की ब्लू लाइट और लटका हुआ
पंखा
फिर से लाइट ने मेरे कानों में धीरे से कुछ कहा अरे! क्या हुआ देखो मैं सिर्फ अपने में हु
इस बार उसका टिमटिमाना बुरा नहीं लगा
ओ एहसास दिलाता रहा
जिसके लिए रोई ओ मेरा नहीं
जिसके लिए हंसी ओ मेरा नहीं
जिसके लिए मरी ओ मेरा नहीं
जिसके लिए सब करती रही ओ मेरा नहीं
अब इस कमरे में सुकून था
मोह माया से दूर
न किसी के आने की खुशी न किसी के जाने का ग़म
ना अपना ना पराया
ना प्रेम न द्वेष
ना तेरा न मेरा
ना कुछ कहना न सुनना
ना तुम न हम
सिर्फ मैं मेरा कमरा!
सिर्फ मैं मेरा कमरा और ऐहसास दिलाता हुआ ब्लू लाइट की टिमटिमाहट
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर