मन हरियाया तन हरियाया सावन की हरियाली में
सूखे ठूंठ में पत्ते निकले फिर सावन की हरियाली में
पेड़ों पर झूले पड़ गये त्योहारों के मौसम अब आये
बूढे गांव से बाहर निकले बुढ़िया संग हरियाली में.
-दिनेश चौहान
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