नदी जंगल जमीन जानवर ये सब कोरी बातें
क्लब होटल जाम सियासत सही रंगीन रातें.
झुग्गी झोपड़ी भुखमरी गरीबी मिलती लाशें
मुंगेरीलाल के मंच से होती रोज नई नई बातें .
बाढ़ पानी गिरते घर और बहता हुआ सामान
हर साल बारिश के मौसम में लोग यही बताते.
सोते लोग सूनसान रास्ते अपराधियों के वास्ते
बढ़ती है इनकम जाड़े में होती हैं जब वारदातें .
न हम सुधरेंगे ना ही और लोग यहां सुधरेंगे
बस हर रोज सुधरने सुधारने की होंगी बातेँ.
-दिनेश चौहान
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