रावण का घर पूरा खूब जगमगा रहा था
बिल बिजली का राम को सता रहा था
आदर्शो की आड़ लेकर राम बैठे रह गये
और रावण मंदिर का चंदा चुरा रहा था.
-दिनेश चौहान
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X