चाह में रोशनी के
अँधेरों से लड़ना पड़ता है
ज़ख्म दिल और
शरीर पर सहना पड़ता है.
लोग मिट जाते हैं
कुछ अपने वज़ूद के संग
चुपचाप चले जाते हैं
गुमनाम मरना पड़ता है.
-दिनेश चौहान
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