खिड़कियां मन की खुली रखिये रोशनी आने के लिए
सलामती बनी रहे घर की , ताजा हवा आने के लिए
धूप भी जरूरी होती है ये दिल की ताजगी बनी रहे
गुबार भर जाता है जब जरूरी होती हैं जाने के लिए.
-दिनेश चौहान
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