मुद्दतों बाद खत लिख रहा हूँ तेरी हर शिकायत सर रख रहा हूँ
जल्दी ही आऊंगा हजारों खुशियाँ ले तुझसे ये वादा कर रहा हूँ.
बात कुछ दिनों की रह गई है गुजार लो किसी तरह ये रात दिन
ज़ंग खत्म होगी जिस दिन निकलने का यहाँ मैं वादा कर रहा हूँ.
-दिनेश चौहान
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