काटें को निकालने की बात अधूरी ही रह गई
सुई लेकर जो चले थे उसमें ज़ंग ही लग गई
तीमारदार इतने जुट गए कि भीड़ बन गई एक
बीमारी जितनी थी और बढ़ गई, बात रह गई.
-दिनेश चौहान
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