आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

भटक गये अब राम भक्त सब

                
                                                         
                            भटक गये सब राम भक्त अब
                                                                 
                            
इन को तुम सद राह दिखाओ
देख खजाना ये राम राज का
हुए बिलासी इन्हें राह बताओ .
राम धनुष धारण कर अपना
छोड़ अयोध्या बाहर आओ.

भक्तों का मन बोल रहा है
भक्ति से तन डोल रहा है
कष्ट भोगती प्रजा तुम्हारी
धोखा देती सत्ता ये सारी
प्रत्यंचा पर धनुष चढ़ाओ
राम निकलकर बाहर आओ.
-दिनेश चौहान
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर