आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

बेरोजगारी

                
                                                         
                            अभ्यर्थियों का दुख-दर्द
                                                                 
                            
दो पंक्तियों के माध्यम से सरकार तक .....!

बिहार सरकार का चमत्कार है।
किस्मत पर रिश्वत सवार है।
परीक्षाओं में धांधली की वार है।
ये बिहार है .....२

नेताओं पर वोट बैंक सवार है।
जनता पर महंगाई की मार है।
पेट्रोल डीजल सौ के पार है।
हां ये बिहार है।....२

अहर्ता पूरी है। पर अभ्यर्थी बेरोजगार है।
नेता को चुनाव का इंतजार है।
नौकरी मांग रहे छात्रों पर लाठी की बौछार है।

ये कैसी गूंगी-बहरी सरकार है।
साहब यही बिहार।....२

दिलशाद अहमद गयावी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर