शहर अनजान लोग अजनबी थे।
गैर तो गैर दोस्त भी मतलबी थे ।
सोचा था शहर से वापस घर को चला जाऊं।
पर रिज्क की तलाश ने अपनो से छोड़ा दिया।
-दिल शाद गयावी...
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