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तुम्हारी यार यादों में अभी भी बीमार हूं।।

                
                                                         
                            तुम भूल गए हो मगर मैं तुमको भुला ना पाऊंगा ,
                                                                 
                            
इस जनम ना सही अगले में तो मिल जाऊंगा ।।
तुम अगर चाहते शायद सब बदल सकते थे ,
याद छोड़ो मेरे तुम साथ में रह सकते थे।।
तुम अगर ना मिले तो मैं मर जाऊंगी ,
तुम कहीं भी रहो मैं भाग कर आ जाऊंगी।।
कोशिशें काम में व्यस्त रहने की करता हूं ,
याद आ जाती हो मैं अकेला बैठा रहता हूं।।
हां मिला है कोई शख्स अंजान सा,
मन मेरा उसके खातिर है बेजान सा।।
है तुम्हारे मुक़ाबिल वो शायद नहीं,
दिल लगाता हूँ मन की इजाजत नहीं।।
कब मिलोगे दुबारा कोई वादा करो,
ये जमाना है लेकिन तुम ना डरो।।
तुम्हारे साथ रहने को अभी भी तैयार हूं,
तुम्हारी यार यादों में अभी भी बीमार हूं।।
 
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2 महीने पहले

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